है ये अफ़्वाह बड़े ज़ोर!

है ये अफ़्वाह बड़े ज़ोर पे हर महफ़िल में,
उन को मुझ से है कोई काम ख़ुदा ख़ैर करे|

बाल स्वरुप राही

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