तन्हाइयों में जल जाए!

मैं वो चराग़ सर-ए-रहगुज़ार-ए-दुनिया हूँ,
जो अपनी ज़ात की तन्हाइयों में जल जाए|

उबैदुल्लाह अलीम

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