आकाश फटा ऐसा धरती ने भरा पानी,
बरखा ने हदें तोड़ीं, पानी पे चढ़ा पानी।
सूर्यभानु गुप्त
A sky full of cotton beads like clouds
आकाश फटा ऐसा धरती ने भरा पानी,
बरखा ने हदें तोड़ीं, पानी पे चढ़ा पानी।
सूर्यभानु गुप्त
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