
होटल में रुके थे, काफी बडा होटल था, जहाँ तक याद है, काफी सारे रिश्तेदार आए थे, कोई शादी थी शायद।
परिजन बाहर निकल गए, शायद शॉपिंग वगैरह के लिए, बाद में मैं भी होटल से बाहर निकला, होटल से कुछ बाहर आकर एक दुकान पर बैठ गए, कुछ खाने के लिए, बारात में आए तीन-चार युवक-युवती भी साथ थे, उनको खाने की व्यवस्था कुछ जंची नही तो वे पता नहीं कब उठकर चले गए, मैंने ध्यान नहीं दिया, एक छोटा बच्चा जो हमारे ग्रुप में ही था, वो रह गया, उसने ही बताया कि वे लोग पंजाब होटल में खाना खाने गए हैं।
अब इस बच्चे की ज़िम्मेदारी मुझ पर थी, पता नहीं किस रिश्तेदार का था। मैंने उस बच्चे के साथ कुछ हल्का-फुल्का खाया और फिर होटल की ओर वापस आ गया, उस बच्चे को साथ लेकर। अपना फ्लोर पता नहीं मुझे याद था या उस बच्चे को, अपने रूम के पास पहुंचकर मुझे याद आया कि रिसेप्शन से चाबी तो मैंने ली ही नहीं है! चाबी लेने के लिए वापस लौटा तो मैं रिसेप्शन ही नहीं खोज पाया और पता नहीं कब होटल से बाहर काफी दूर तक निकल गया और अब मैं अपने होटल को ही नहीं खोज पा रहा था, और मुझे होटल का नाम भी याद नहीं था। इतना ही नहीं मुझे ये भी याद नहीं था कि मैं किस नगर में हूँ।
इन सबके बारे में ही मैं सोच रहा था, मुझे उस बच्चे की भी चिंता हो रही थी जिसको मैं अपने होटल रूम के बाहर अकेला छोड आया था। इतने में ही एक चमत्कार हो गया और मेरी सब चिंता दूर हो गई, जानते हैं ये चमत्कार क्या था!
असल में मेरी नींद खुल गई थी और मैं अपने घर में ही सोकर उठा था!
अभी के लिए ये एक स्वप्न का यह वास्तविक विवरण ही, वैसे स्वप्न तो वास्तविक नहीं होता न।
नमस्कार
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