बस अपने-आप को पाने की जुस्तुजू थी कि हम,
ख़राब होते रहे और ख़ुद को खोते रहे|
शमीम हनफ़ी
A sky full of cotton beads like clouds
बस अपने-आप को पाने की जुस्तुजू थी कि हम,
ख़राब होते रहे और ख़ुद को खोते रहे|
शमीम हनफ़ी
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