लक़ड़हारे तुम्हारे खेल!

लक़ड़हारे तुम्हारे खेल अब अच्छे नहीं लगते,
हमें तो ये तमाशे सब के सब अच्छे नहीं लगते|

शमीम हनफ़ी

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