तेरी शोख़ी-ए-हिना!

अभी और तेज़ कर ले सर-ए-ख़न्जर-ए-अदा को,
मेरे ख़ूँ की है ज़रूरत तेरी शोख़ी-ए-हिना को।

अली सरदार जाफ़री

Leave a comment