दिन निकलने को है राहत से गुज़र जाने दे,
रूठ कर तू न क़यामत की सहर पैदा कर|
बेख़ुद देहलवी
A sky full of cotton beads like clouds
दिन निकलने को है राहत से गुज़र जाने दे,
रूठ कर तू न क़यामत की सहर पैदा कर|
बेख़ुद देहलवी
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