दिल ख़ून हो चुका है!

दिल ख़ून हो चुका है जिगर हो चुका है ख़ाक,

बाक़ी हूँ मैं मुझे भी कर ऐ तेग़-ज़न तमाम|

हसरत मोहानी

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