ये जो लाल रंग पतंग का सर-ए-आसमाँ है उड़ा हुआ,
ये चराग़ दस्त-ए-हिना का है जो हवा में उस ने जला दिया|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds
ये जो लाल रंग पतंग का सर-ए-आसमाँ है उड़ा हुआ,
ये चराग़ दस्त-ए-हिना का है जो हवा में उस ने जला दिया|
मुनीर नियाज़ी
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