जो जहाँ में कोई न!

यही आन थी मिरी ज़िंदगी लगी आग दिल में तो उफ़ न की,
जो जहाँ में कोई न कर सका वो कमाल कर के दिखा दिया|

मुनीर नियाज़ी

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