इस अफ़्साने का!

मुख़्तसर क़िस्सा-ए-ग़म ये है कि दिल रखता हूँ,
राज़-ए-कौनैन ख़ुलासा है इस अफ़्साने का|

फ़ानी बदायुनी

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