होने लगे हैं रस्ते रस्ते, आपस के टकराव बहुत,
एक साथ के चलने वालों में भी है अलगाव बहुत|
क़ैसर शमीम
A sky full of cotton beads like clouds
होने लगे हैं रस्ते रस्ते, आपस के टकराव बहुत,
एक साथ के चलने वालों में भी है अलगाव बहुत|
क़ैसर शमीम
Leave a comment