ज़मीं के गिर्द भी पानी ज़मीं की तह में भी,
ये शहर जम के खड़ा है जो तैरता ही न हो|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds
ज़मीं के गिर्द भी पानी ज़मीं की तह में भी,
ये शहर जम के खड़ा है जो तैरता ही न हो|
मुनीर नियाज़ी
Leave a comment