वो बेदर्दी से सर काटें ‘अमीर’ और मैं कहूँ उन से,
हुज़ूर आहिस्ता आहिस्ता जनाब आहिस्ता आहिस्ता|
अमीर मीनाई
A sky full of cotton beads like clouds
Leave a comment