कुछ ये मेहंदी नहीं!

डाल के ख़ाक मेरे ख़ून पे क़ातिल ने कहा,

कुछ ये मेहंदी नहीं मेरी कि छुपा भी न सकूँ|

अमीर मीनाई

Leave a comment