है वही आरिज़*-ए-लैला वही शीरीं का दहन,
निगह-ए-शौक़ घड़ी भर को जहाँ ठहरी है|
*Cheeks
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
है वही आरिज़*-ए-लैला वही शीरीं का दहन,
निगह-ए-शौक़ घड़ी भर को जहाँ ठहरी है|
*Cheeks
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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