चंग ओ नय* रंग पे थे अपने लहू के दम से,
दिल ने लय बदली तो मद्धम हुआ हर साज़ का रंग|
*Music and Dance
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
चंग ओ नय* रंग पे थे अपने लहू के दम से,
दिल ने लय बदली तो मद्धम हुआ हर साज़ का रंग|
*Music and Dance
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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