तिरे हुस्न पर है मिरी नज़र मुझे सुब्ह शाम की क्या ख़बर,
मिरी शाम है तिरी जुस्तुजू मेरी सुब्ह तेरा ख़याल है|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
तिरे हुस्न पर है मिरी नज़र मुझे सुब्ह शाम की क्या ख़बर,
मिरी शाम है तिरी जुस्तुजू मेरी सुब्ह तेरा ख़याल है|
मजरूह सुल्तानपुरी
Leave a comment