सुब्ह तेरा ख़याल है!

तिरे हुस्न पर है मिरी नज़र मुझे सुब्ह शाम की क्या ख़बर,

मिरी शाम है तिरी जुस्तुजू मेरी सुब्ह तेरा ख़याल है|

मजरूह सुल्तानपुरी

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