दिल में सितारे उतरने लगते हैं!

दर-ए-क़फ़स पे अँधेरे की मोहर लगती है,
तो ‘फ़ैज़’ दिल में सितारे उतरने लगते हैं|

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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