
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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