इस दर्द का चारा जाने है!

चारागरी बीमारी-ए-दिल की रस्म-ए-शहर-ए-हुस्न नहीं,
वर्ना दिलबर-ए-नादाँ भी इस दर्द का चारा जाने है|

मीर तक़ी मीर

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