किसी से मोहब्बत उसे भी थी!

ज़िक्र-ए-शब-ए-फ़िराक़ से वहशत उसे भी थी,
मेरी तरह किसी से मोहब्बत उसे भी थी|

मोहसिन नक़वी

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