कहानी को नाम क्या दें हम!

ज़ख़्म जो आप की इनायत है इस निशानी को नाम क्या दें हम,
प्यार दीवार बन के रह गया है इस कहानी को नाम क्या दें हम|

सुदर्शन फ़ाकिर

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