
हर तरह की बे-सर-ओ-सामानियों के बावजूद,
आज वो आया तो मुझको अपना घर अच्छा लगा|
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds

हर तरह की बे-सर-ओ-सामानियों के बावजूद,
आज वो आया तो मुझको अपना घर अच्छा लगा|
अहमद फ़राज़
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