अपनी अपनी चाहतें हैं!

अपनी अपनी चाहतें हैं लोग अब जो भी कहें,
इक परी-पैकर* को इक आशुफ़्ता-सर** अच्छा लगा|

*सुंदरी, **सिरफिरा
अहमद फ़राज़

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