
सबकी ख़ातिर हैं यहाँ सब अजनबी,
और कहने को हैं घर आबाद सब|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds

सबकी ख़ातिर हैं यहाँ सब अजनबी,
और कहने को हैं घर आबाद सब|
जावेद अख़्तर
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