
दिन गुज़ारा था बड़ी मुश्किल से,
फिर तिरा वादा-ए-शब याद आया|
नासिर काज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

दिन गुज़ारा था बड़ी मुश्किल से,
फिर तिरा वादा-ए-शब याद आया|
नासिर काज़मी
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