
हमको जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा,
चाक किए हैं हमने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds

हमको जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा,
चाक किए हैं हमने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा|
मजरूह सुल्तानपुरी
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