
आज ये है कल और यहाँ होगा कोई,
सोचो तो सब खेल-तमाशा लगता है|
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds

आज ये है कल और यहाँ होगा कोई,
सोचो तो सब खेल-तमाशा लगता है|
वसीम बरेलवी
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