
ज़ेहन से काग़ज़ पर तस्वीर उतरते ही,
एक मुसव्विर* कितना अकेला लगता है|
*चित्रकार
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds

ज़ेहन से काग़ज़ पर तस्वीर उतरते ही,
एक मुसव्विर* कितना अकेला लगता है|
*चित्रकार
वसीम बरेलवी
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