
चमकता है शहीदों का लहू पर्दे में क़ुदरत के,
शफ़क़ का हुस्न क्या है शोख़ी-ए-रंग-ए-हिना क्या है|
चकबस्त बृज नारायण
A sky full of cotton beads like clouds

चमकता है शहीदों का लहू पर्दे में क़ुदरत के,
शफ़क़ का हुस्न क्या है शोख़ी-ए-रंग-ए-हिना क्या है|
चकबस्त बृज नारायण
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