
बहार-ए-गुल में दीवानों का सहरा में परा होता,
जिधर उठती नज़र कोसों तलक जंगल हरा होता|
चकबस्त बृज नारायण
A sky full of cotton beads like clouds

बहार-ए-गुल में दीवानों का सहरा में परा होता,
जिधर उठती नज़र कोसों तलक जंगल हरा होता|
चकबस्त बृज नारायण
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