कोई बा-वफ़ा होता तो क्या होता!

हज़ारों जान देते हैं बुतों की बेवफ़ाई पर,
अगर उनमें से कोई बा-वफ़ा होता तो क्या होता|

चकबस्त बृज नारायण

Leave a comment