
न तन में ख़ून फ़राहम न अश्क आँखों में,
नमाज़-ए-शौक़ तो वाजिब है बे-वुज़ू ही सही|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds

न तन में ख़ून फ़राहम न अश्क आँखों में,
नमाज़-ए-शौक़ तो वाजिब है बे-वुज़ू ही सही|
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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