
निकल आते हैं आँसू हँसते हँसते,
ये किस ग़म की कसक है हर ख़ुशी में|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

निकल आते हैं आँसू हँसते हँसते,
ये किस ग़म की कसक है हर ख़ुशी में|
निदा फ़ाज़ली
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