अब बहते हैं आँसू बहने दो!

ये फूल चमन में कैसा खिला माली की नज़र में प्यार नहीं,
हँसते हुए क्या क्या देख लिया अब बहते हैं आँसू बहने दो|

कैफ़ी आज़मी

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