सच झूठ की पहचान हैं आँखें!

लब कुछ भी कहें इस से हक़ीक़त नहीं खुलती,
इंसान के सच झूठ की पहचान हैं आँखें|

साहिर लुधियानवी

2 responses to “सच झूठ की पहचान हैं आँखें!”

  1. वाह, बहुत खूब।

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    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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