कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें!

हर तरह के जज़्बात का एलान हैं आँखें,
शबनम कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें|

साहिर लुधियानवी

2 responses to “कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें!”

    1. shri.krishna.sharma avatar
      shri.krishna.sharma

      Thanks a lot ji

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