
मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ,
काश पूछो कि मुद्दआ’ क्या है|
मिर्ज़ा ग़ालिब
A sky full of cotton beads like clouds

मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ,
काश पूछो कि मुद्दआ’ क्या है|
मिर्ज़ा ग़ालिब
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