
शाम होते ही सिमट जाएँगे सारे रस्ते,
बहते दरिया से जहाँ होगे ठहर जाओगे|
निदा फ़ाज़ली
A sky full of cotton beads like clouds

शाम होते ही सिमट जाएँगे सारे रस्ते,
बहते दरिया से जहाँ होगे ठहर जाओगे|
निदा फ़ाज़ली
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