
लाई है अब उड़ा के गए मौसमों की बास,
बरखा की रुत का क़हर है और हम हैं दोस्तो|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

लाई है अब उड़ा के गए मौसमों की बास,
बरखा की रुत का क़हर है और हम हैं दोस्तो|
मुनीर नियाज़ी
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