
ये अजनबी सी मंज़िलें और रफ़्तगाँ की याद,
तन्हाइयों का ज़हर है और हम हैं दोस्तो|
मुनीर नियाज़ी
A sky full of cotton beads like clouds

ये अजनबी सी मंज़िलें और रफ़्तगाँ की याद,
तन्हाइयों का ज़हर है और हम हैं दोस्तो|
मुनीर नियाज़ी
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