जीने का शुऊ’र आ जाता है!

जब तुम से मोहब्बत की हम ने तब जा के कहीं ये राज़ खुला,
मरने का सलीक़ा आते ही जीने का शुऊ’र आ जाता है|

साहिर लुधियान
वी

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