ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं!

ऐसे हंस हंस के न देखा करो सबकी जानिब,
लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं|

मजरूह सुल्तानपुरी

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