
यूँही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते चलते,
वहीं थम के रह गई है मिरी रात ढलते ढलते|
कैफ़ी आज़मी
A sky full of cotton beads like clouds

यूँही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते चलते,
वहीं थम के रह गई है मिरी रात ढलते ढलते|
कैफ़ी आज़मी
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