
याद जिस चीज़ को कहते हैं वो परछाईं है,
और साए भी किसी शख़्स के हाथ आए हैं|
राही मासूम रज़ा
A sky full of cotton beads like clouds

याद जिस चीज़ को कहते हैं वो परछाईं है,
और साए भी किसी शख़्स के हाथ आए हैं|
राही मासूम रज़ा
Leave a comment