मैं वही हूँ ‘मोमिन’-ए-मुब्तला!

जिसे आप गिनते थे आश्ना जिसे आप कहते थे बा-वफ़ा,
मैं वही हूँ ‘मोमिन’-ए-मुब्तला तुम्हें याद हो कि न याद हो|

मोमिन खाँ मोमि

Leave a comment