
मायूसी-ए-मआल-ए-मोहब्बत न पूछिए,
अपनों से पेश आए हैं बेगानगी से हम|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds

मायूसी-ए-मआल-ए-मोहब्बत न पूछिए,
अपनों से पेश आए हैं बेगानगी से हम|
साहिर लुधियानवी
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