
साँस मौसम की भी कुछ देर को चलने लगती,
कोई झोंका तिरी पलकों की हवा का होता|
गुलज़ार
A sky full of cotton beads like clouds

साँस मौसम की भी कुछ देर को चलने लगती,
कोई झोंका तिरी पलकों की हवा का होता|
गुलज़ार
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